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Friday, December 6, 2019
Saturday, November 2, 2019
समर्पण भाव से लाभ -- Samarpan-Bhav-Se-Labh
साधना में सहायक कुछ बातें Sadhana Mein Sahayak Kuch Baate
साधना में सहायक कुछ बातें
Sadhana Mein Sahayak Kuch Baate
प्रवचन पीयूष जी
श्री स्वामी सत्यानंदजी महाराज जी साधना में किस प्रकार आगे बढ़े यहाँ समझाते है !
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साधना में सहायक कुछ बातें - श्री स्वामी सत्यानंद जी महाराज जीSadhana Mein Sahayak Kuch Baate - Shree Swami Satyanand ji Maharaj ji |
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साधना में सहायक कुछ बातें - श्री स्वामी सत्यानंद जी महाराज जीSadhana Mein Sahayak Kuch Baate - Shree Swami Satyanand ji Maharaj ji |
सप्रेम राम राम जी
Thursday, March 7, 2019
अध्यात्म-चिकित्सा - नाम योग के द्वारा - Adhyaatam-Chikitsa - through- Naam Yog
|| अध्यात्म-चिकित्सा ||
गुरुदेव श्री स्वामी सत्यानंदजी महराज जी ने बहुत सुन्दर, सरल और सारांश में अध्यात्म-चिकित्सा के बारे में समझाया है !
नाम योग के द्वारा अध्यात्म-चिकित्सा की जाती है, किस प्रकार मनुष्य के भीतरी संस्कार को सरलता से निकाला जा सकता है!
अध्यात्म-चिकित्सा करते और होते हुए क्या शरीर पर असर होते है और क्या अनुभूति होती है ! उसका विवरण सहित समझाया है !
गुरुदेव श्री स्वामी सत्यानंदजी महराज जी ने बहुत सुन्दर, सरल और सारांश में अध्यात्म-चिकित्सा के बारे में समझाया है !
नाम योग के द्वारा अध्यात्म-चिकित्सा की जाती है, किस प्रकार मनुष्य के भीतरी संस्कार को सरलता से निकाला जा सकता है!
अध्यात्म-चिकित्सा करते और होते हुए क्या शरीर पर असर होते है और क्या अनुभूति होती है ! उसका विवरण सहित समझाया है !
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अध्यात्म-चिकित्सा - नाम योग के द्वारा - Adhyaatam-Chikitsa - through- Naam Yog |
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अध्यात्म-चिकित्सा - नाम योग के द्वारा - Adhyaatam-Chikitsa - through- Naam Yog |
Wednesday, February 20, 2019
नींद-रात-को-नहीं-आती--क्या-करे-not-able-to-sleep-at-night-what-to-do
नींद रात को नहीं आती क्या करे?
रात को नींद न आना, स्वप्न अधिक आना आदि के सब कांटे राम नाम का सिमरन करने वाले के दूर हो जाते हैं ! राम नाम के सिमरन से ध्यान में बड़ी सहायता मिलती हैं, क्योंकि इससे बुरे संस्कार अंदर से निकल जाते हैं ! यह सिमरन का माहात्म्य बताया हैं !
राम का सिमरन करते करते अपने आप आँख लग जाएगी !
To Know more about Simran
जाने सिमरन के अतिरिक्त लाभ
रात को नींद न आना, स्वप्न अधिक आना आदि के सब कांटे राम नाम का सिमरन करने वाले के दूर हो जाते हैं ! राम नाम के सिमरन से ध्यान में बड़ी सहायता मिलती हैं, क्योंकि इससे बुरे संस्कार अंदर से निकल जाते हैं ! यह सिमरन का माहात्म्य बताया हैं !
राम का सिमरन करते करते अपने आप आँख लग जाएगी !
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नींद-रात-को-नहीं-आ-रही-क्या-करे-not-able-to-sleep-at-night-what-to-do |
To Know more about Simran
जाने सिमरन के अतिरिक्त लाभ
Thursday, February 14, 2019
Simran-Se-Aantrik-Labh-सिमरन से आंतरिक लाभ
श्री स्वामी सत्यानंद जी महाराज जी सिमरन के अंतर्गत समझाते हैं
|| सिमरन से आंतरिक लाभ ||
सिमरन बहुत अच्छी चीज़ है ! अधिक सिमरन से शरीर शब्दमय हो जाता है ! राम - नाम का सिमरन रग-रग में बस जाता है - जैसे कोरे घड़े में तेल ! मनुष्य की रग-रग में निवास हो जाता है ! क्रोध और जितने दुर्गुण है, वे आप ही समाप्त हो जाते है ! तो सिमरन बड़ा सहायक है ! कदाचित कोई दुर्गुण है, तो उसे अज्ञात रूप में दूर करता है !
दुष्ट संस्कारों को निकलने का सहज साधन केवल सिमरन है ! वह कम-कम होते जाते है ! जब नाम अधिक निवास कर लेता है, तो वासनाये दुर्बल होती जाती है और शुद्ध भावना पैदा होती है ! बुराइयों से आप ही आदमी ठीक हो जाता है !
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सिमरन से आंतरिक लाभ - प्रवचन पियूष जी से Simran Se Aantrik Labh - Pravachan Piyush ji se |
जो शुभ अंदर से जागता है, वह है ठहरने वाली चीज ! बाहर की बनावट नहीं ठहरती !
जो चाहता है की मेरा जीवन अच्छा हो, तो वह खूब सिमरन करे !
मुझे ऐसे सज्जन मिले है जिन में रोना-धोना बहुत हो, जिन्हें इसी कारण खाना पचता नहीं ! उनके पूछने पर मैंने दुःख निवारण की विधि सिमरन की बतलाई ! सप्ताह भर में सिमरन से वियोग समाप्त हो जाता है ! जो लोग बहुत देर तक इस प्रकार वियोग में रहते है उनके मस्तक में बल नहीं रहता ! सिमरन का साधन ठीक प्रकार किया हो, तो वे ठीक हो जाते है !
आदमी कदाचित दुःख से चूर-चूर हो रहा हो, यदि वह उस समय नाम का सिमरन करे, तो उसका मस्तक ठीक हो जाता है !
जैसे पवन से बदल भाग जाते है, ऐसे है सिमरन घबराहट को दूर करता है ! सिमरन करने वाले में चुपचाप ऐसा बल-सा आता है की उसका मानस-बल बढ़ जाता है ! जिस काम में वह हाथ डालता है, वह सफल होता है ! उसमे सभी प्रकार का बल बढ़ता है !
लाभ तो भावना-सहित सिमरन करने से होता है ! वह तो बड़ा कोमल हो जाता है ! फूल की भाँती उसके मस्तक में खिलावट आ जाती है ! उसका अंदर जाग्रत होता है और अंदर जाग्रत होने से ही जीवन बनता है और अंदर जाग्रत, सिमरन से होता है
सिमरन से अच्छाई आती हैं, सेवा-भाव आता हैं ! रात को नींद न आना, स्वप्न अधिक आना आदि के सब कांटे सिमरन करने वाले के दूर हो जाते हैं ! सिमरन से ध्यान में बड़ी सहायता मिलती हैं, क्योंकि इससे बुरे संस्कार अंदर से निकल जाते हैं ! यह सिमरन का माहात्म्य बताया हैं ! मैं यह भी अवश्य बताऊंगा कि यदि भावना सहित सिमरन हो, तो फिर राम-कृपा हो जाये, नहीं तो उत्तरदायित्व वाली बात नहीं !
कहने का तात्पर्य यह हैं कि खूब समझ कर, भावना सहित सिमरन अधिक करो !
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